- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
काबुनी ने शेन वॉटसन को बनाया सुपर कोच, ग्लोबल क्रिकेट ट्रेनिंग को बदलने की दिशा में बड़ा कदम
मुंबई, 16 अप्रैल, 2026: क्रिकेट ट्रेनिंग को नए तरीके से पेश करने वाले एआई आधारित स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, काबुनी ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन को अपने सुपर कोच के रूप में शामिल कर लिया है। यह कदम हर स्तर के खिलाड़ियों तक वर्ल्ड-क्लास कोचिंग पहुँचाने के ब्रांड के लक्ष्य की दिशा में एक अहम् पड़ाव माना जा रहा है।
इस साझेदारी के जरिए काबुनी की आधुनिक टेक्नोलॉजी और वॉटसन का गहरा क्रिकेट अनुभव एक साथ आएँगे, जिससे युवा खिलाड़ियों को डेटा की समझ के साथ ही साथ मैदान का वास्तविक अनुभव भी मिलेगा।
काबुनी का प्लेटफॉर्म पारंपरिक नेट प्रैक्टिस को नया रूप देने के लिए बनाया गया है, जिसमें खिलाड़ी की मूवमेंट और गेंद की ट्रैकिंग रियल टाइम में रिकॉर्ड होती है और उसे आसान व काम की सलाह में बदला जाता है। अपने विशेष ‘1% इम्प्रूवमेंट’ एप्रोच के माध्यम से यह सिस्टम छोटी-छोटी गलतियों को तुरंत ठीक करने पर ध्यान देता है, जिससे समय के साथ परफॉर्मेंस में भी बड़े स्तर पर सुधार आता है।
वॉइस, वीडियो और विजुअल संकेतों के साथ काबुनी यह सुनिश्चित करता है कि फीडबैक सिर्फ डेटा तक सीमित न रहे, बल्कि समझने और अपनाने में भी आसान हो, खासकर युवा और सीखने वाले खिलाड़ियों के लिए।
शेन वॉटसन के जुड़ने से काबुनी की यह सोच और मजबूत होती है कि बेहतर टेक्नोलॉजी और क्रिकेट का अनुभव साथ मिलकर हर खिलाड़ी को उत्कृष्ट कोचिंग की सुविधा दे सकते हैं और यह सिर्फ प्रोफेशनल खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए।
काबुनी के सुपर कोच शेन वॉटसन ने कहा, “काबुनी की सबसे खास बात यह है कि यह सुधार को आसान बना देता है। क्रिकेट छोटे-छोटे फर्क का खेल है और उन 1% बदलावों को समझकर उन पर काम करना बड़ा असर डाल सकता है। काबुनी ट्रेनिंग को इस तरह आसान बनाता है कि हर स्तर का खिलाड़ी इसे समझ सके और इसका फायदा उठा सके। मैं इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनकर खुश हूँ, जो उत्कृष्ट कोचिंग को हर किसी के लिए आसान बना रहा है।”
काबुनी के फाउंडर और सीईओ, निमेश पटेल ने कहा, “शेन वॉटसन का काबुनी से सुपर कोच के रूप में जुड़ना हमारे लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुभव और हमारी टेक्नोलॉजी के साथ हम खिलाड़ियों को एक बेहतर और भरोसेमंद ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म दे पा रहे हैं। हमारा लक्ष्य हमेशा से यही रहा है कि हर खिलाड़ी तक एक प्रोफेशनल कोच की पहुँच हो और यह साझेदारी हमें उस लक्ष्य के और करीब ले जाती है। इसके साथ ही, अच्छा प्रदर्शन सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक भी होता है। हम सिर्फ टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि यह भी समझने पर काम कर रहे हैं कि शेन जैसे खिलाड़ी सोचते कैसे हैं, तैयारी कैसे करते हैं और दबाव में कैसे फैसले लेते हैं। काबुनी के जरिए हम यही सोच हर खिलाड़ी तक पहुँचाना चाहते हैं, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में हो। बात सिर्फ यह नहीं है कि किसी स्थिति विशेष में शेन वॉटसन क्या करते हैं, बल्कि यह भी है कि वे उस समय क्या सोचते हैं। यह एक शक्तिशाली खोज है और आगे चलकर कोचिंग इसी दिशा में बढ़ने वाली है।”
काबुनी का एआई आधारित प्लेटफॉर्म बायोमैकेनिक्स, मूवमेंट, परफॉर्मेंस डेटा और क्रिकेट की समझ का इस्तेमाल करते हुए खिलाड़ियों को पर्सनल और रियल टाइम कोचिंग देता है। यह खिलाड़ियों की मूवमेंट की तुलना बड़े खिलाड़ियों और टीमों के डेटा से करता है, जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि क्या सुधार करना है और कैसे करना है, वह भी बिना मुश्किल डेटा में उलझे।
टेक्नोलॉजी के माध्यम से कोचिंग को नए तरीके से आगे बढ़ाने की अपनी सोच के तहत, काबुनी एक अनोखा एआई आधारित मेंटल परफॉर्मेंस कोच भी तैयार कर रहा है, जो शेन वॉटसन के डिजिटल ट्विन के रूप में काम करेगा। यह ऐसा होगा जैसे शेन हर समय आपके साथ हों, एक निजी मेंटल परफॉर्मेंस कोच की तरह, जो हर अहम् मौके पर आपका मार्गदर्शन करे और आपको बेहतर सोच, मानसिक मजबूती और फोकस बनाने में मदद दे, ताकि आप किसी भी परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार करते हुए, काबुनी शेन वॉटसन के साथ मिलकर एक ऐसा टेक्नोलॉजी आधारित कोचिंग सिस्टम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो ग्रासरूट स्तर से लेकर प्रोफेशनल क्रिकेट के बीच के अंतर को कम कर सके।


